1. भारतीय इतिहास के स्रोत

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भारतीय इतिहास के स्रोत 
सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी Like- SSC CGL/CHSL/MTS/CPO/GD SI Constable, Railway,Bank,U.P.S.I.,U.P.T.G.T./P.G.T C.T.E.T./U.P.T.E.T.,UPSSSC R.O./A.R.O, B.Ed.,L.L.B.,State Exam and Other Competetive Exam

  • भारत की उत्तर-पश्चिम सीमांत की जातियों तथा भारत-ईरान संबंधों की जानकारी किस यूनानी ग्रंथ से प्राप्त होती है हिस्टोरिका
  • भारत आने वाला पहला ज्ञात चीनी यात्री कौन था फाह्यान
  • हर्ष के शासनकाल में कौन - सा चीनी यात्री भारत आया था – ह्वेनसांग

  • ह्वेनसांग ने अपने यात्रा - वृत्तांत को किस नाम से प्रकाशित करवाया था –  ता-तांग-सी-यू-की
  • साहित्यिक ,पुरातात्त्विक और विदेशी विवरण एक दूसरे के अनुपूरक स्रोत के रूप में पहली बार किस काल के संदर्भ में उपलब्ध होते हैंमौर्यकाल
  • मौर्य पूर्व के काल के लिए किस स्रोत से हमें सर्वाधिक जानकारी मिलती हैंपुराण
  • प्रसिद्ध बौद्धधर्म ग्रंथ 'ललितविस्तार' की रचना हुईनेपाल
  • गौतम बुद्ध के पूर्व जन्म की कथाओं को आधार बनाकर रचित जातकों की कुल संख्या कितनी है-  549
  • जैनों के धार्मिक ग्रंथों में सर्वाधिक प्राचीन कौन हैं –  बारह अंग
  • 12वीं सदी में रचित ' परिशिष्ट पर्व के रचयिता कौन थे –  हेमचन्द्रभारतीय साहित्य में पहली बार किस ग्रंथ में ऐतिहासिकता की सम्पूर्ण झलक मिलती है राजतरंगिणी
  • रत्नावली नामक प्रसिद्ध नाटक की रचना किसने की थी – हर्ष
  • किस शासक ने राजकीय अभिलेखों को खुदवाने की परम्परा शुरू कर भारतीय इतिहास को व्यवस्थित स्वरूप प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान किया मौर्य सम्राट अशोक
  • भारत के किस प्राचीनतम अभिलेख में पहली बार संस्कृत भाषा का प्रयोग हुआ रूद्रदामन  का जूनागढ़ अभिलेख
  • प्राचीन भारत के कौन - से अभिलेख प्रथम पठित अभिलेख हैं अशोक के अभिलेख
  • प्राचीन भारत में सर्वाधिक स्वर्ण सिक्के किन शासकों ने जारी किएगुप्त शासकों ने
  • हिन्द - यूनानी शासकों के संबंध में जानकारी के लिए हमें किस एकमात्र स्रोत पर निर्भर रहना पड़ता है सिक्के
  •  प्रसिद्ध देवगढ़ के मंदिर का निर्माण किस काल में हुआ था गुप्त काल
  • सांची और भरहुत के स्तूपों का निर्माण किस शासक के काल में हुआ था मौर्य सम्राट अशोक
  •  ' तहकीक - - हिन्द ' नामक ग्रंथ की रचना किसने की थी –  अलबरूनी
  •  ' हुमायूंनामा ' की रचना किसने की थी गुलबदन बेगम
  • जखीरत - उल - मलूक ' तथा ' सहायफ ' नामक प्रसिद्ध ग्रंथों से किनके संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है – सूफीसंत
  • मध्यकालीन भारत के सौंदर्य प्रसाधन एवं पकवानों के निर्माण के संबंध में किस ग्रंथ से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होती है –  किताब--नियामतखाना--नासिरशाही 
  • ' फिक - - फिरोजशाही ' में किस विषय का संकलन है –  नागरिक एवं धार्मिक कानून
  • 1294 . में दक्षिण भारत में विजयनगर की यात्रा किसने की थी –  निकोलो कोंटी
  • रूसी यात्री एथनिसियस निकितिन ने किस वर्ष दक्षिण भारत की यात्रा की थी -  1470 .
  • पूर्व मुगलकाल में भारत की यात्रा करने वाला इब्नबतूता किस देश का निवासी था –  मोरक्को 
  • इब्नबतूता का यात्रा वृत्तान्त प्राप्त होती है रिहला  
  • टेसियस राजवैद्य थाईरान का
  • हेरोडोटस जिसे इतिहास का पिताकहा जाता है, ने 5वीं सदी ई.पू. में हिस्टोरिकानामक पुस्तक की रचना की जिसमें भारत और किस देश  के संबंधों का वर्णन किया गया हैफारस 
  • निर्याकस, आनेसिक्रिटस और अरिस्टोबुलस ये सभी लेखक समकालीन थेसिकन्दर के
  • सिकन्दर के बाद के लेखकों में तीन राजदूतों-मेगस्थनीज, डायमेकस तथा डायोनोसियस के नाम उल्लेखनीय हैं। जो यूनानी शासकों द्वारा भेजे गये थेमौर्य दरबार में
  • कौन जो सेल्यूकस निकेटर का राजदूत था उसने चन्द्रगुप्त मौर्य के दरबार में 14 वर्ष व्यतीत किया। उसके द्वारा रचित इण्डिका में मौर्य युगीन समाज एवं संस्कृति का विवरण मिलता हैमेगस्थनीज
  • सीरियन नरेश अंत्तियोकस का राजदूत  जो बिन्दुसार के दरबार में काफी दिन तक रहा-डायमेकस
  • टालमी की ज्योग्राफी और पेरिप्लस आफ द एरिथ्रियन सी नामक पुस्तक लिखी गयी है यूनानी भाषा में
  • "पेरिप्लस आफ द एरिथ्रियन सी" जिसकी रचना हुई थी,80 से 115 0 के बीच में का वर्णन मिलता हैभारतीय बन्दरगाहों एवं व्यापारिक वस्तुओं का 
  • हमें भारत और इटली के बीच होने वाले व्यापार की जानकारी  मिलती हैलैटिन भाषा में लिखी गई नेचुरल हिस्टोरिका से 
  • कौन चन्द्रगुप्त द्वितीय विक्रमादित्य के समय भारत आया था, जिसने तत्कालीन सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक स्थिति पर प्रकाश डाला फाह्यान (पांचवी सदी के प्रारम्भ  में)
  • हर्ष के शासन काल में भारत आया था, वह भारत में 16 वर्षां तक रहा। 6 वर्ष तक उसने नालन्दा विश्वविद्यालय में अध्ययन किया वह था ह्वेनसांग (सातवीं सदी में)
  • ह्वेनसांग की भारत यात्रा का वृतान्त जाना जाता है, जिसमें 138 देशों का विवरण मिलता हैसी-यू-की नाम से
  • फाह्यान एवं ह्वेनसांग दोनों बौद्ध थे और बौद्ध तीर्थां का दर्शन करने तथा बौद्ध धर्म का अध्ययन करने भारत आये थे। फाह्यान भारत में रहा14 वर्ष  तक
  • दूसरी शताब्दी में भारत का भूगोल नमक पुस्तक लिखी - टालमी
  • मार्कोपोलो यात्रा पर आया था - पाण्ड्य देश की 
  • ह्वेनसांग के  अध्ययन के समय नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति थे -  आचार्य शीलभद्र 
  • अर्थशास्त्र के लेखक का नाम हैचाणक्य ( विष्णुगुप्त )

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