पाषाण काल : प्राचीन सभ्यता एवं संस्कृति
सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी Like- SSC CGL/CHSL/MTS/CPO/GD SI Constable, Railway,Bank,U.P.S.I.,U.P.T.G.T./P.G.T C.T.E.T./U.P.T.E.T.,UPSSSC R.O./A.R.O, B.Ed.,L.L.B.,State Exam and Other Competetive Exam
- मानव का प्राचीनतम इतिहास किस काल से सम्बनिधत हैं? — पाषाण युग से
- मानव जाति के विकास के जिस काल का कोई लिखित प्रमाण नहीं मिलता, उसे कहते हैं?— प्रागैतिहासिक काल या प्राक इतिहास काल

- मिटटी के बर्तन का प्रयोग सर्वप्रथम किस युग में किया गया था?— नव-पाषाण युग में
- मनुष्य ने वस्त्र बुनने की कला कब शुरू की थी?— नव-पाषाण
काल में
- पूर्व-पाषाण युग के मानव की जीविका का मुख्य आधार क्या था?— शिकार
- पूर्व-पाषाण युग के हथियार किस चीज के बने होते थें? — पत्थर, हडडी एवं लकड़ी के
- मध्य पाषाण युग के मनुष्य के जीविका का मुख्य साधन क्या था?— शिकार व पशुपालन
- पूर्व-पाषाण काल का प्रथम आविष्कार क्या था?—
आग
- नव-पाषाण युग में मानव अपने मृतकों का अंतिम संस्कार कैसे करते थे? — शव को दफनाकर
- नव-पाषाण युग में मृत व्यक्तियों को किन-किन चीजों के साथ
कब्रों में दफनाया जाता था? — हथियार, मिटटी
के बर्तन, खाने पीने की चीजें
- नव-पाषाण युग में कब्रगाहों में बड़े-बड़े पत्थर लगा दिये
जाते थे। उन पत्थरों को क्या कहते हैं? — महा पाषाण
- प्राचीन काल के धातुओं का संग्रह कौन-सा विभाग करता हैं? — पुरातत्व विभाग
- ताम्र-पाषाण युग के मनुष्य का मुख्य पेशा क्या था? — खेती
- किस काल में मनुष्य ने पत्थर और ताँबे के औजारों का साथ-साथ प्रयोग किया?— ताम्र-पाषाणिक
काल
- ताम्र-पाषाणिक काल में किस धातु को सर्वप्रथम औजारों में प्रयुक्त किया गया था?—
तांबा
- पूर्व-पाषाण काल के मनुष्य कहाँ रहते थे? — पहाड़ की कंदराओं में
- आदि मानव ने सबसे पहले क्या सीखा था?— आग जलाना
- आदि मानव प्राय: किन दो चीजों से डरता था?
— मौसम और जंगली जानवरों से
- आदि मानव की अत्यधिक महत्वपूर्ण खोज कौन-सी थी? — चक्र या पहिया
- ताम्र-पाषाण युग की स्त्रियाँ किस धातु के आभूषण पहनती थी? — कांसा धातु
- भारत की प्राचीन भाषाएँ कौन-कौन सी हैं?— पाली और प्रावमत
- मनुष्यों में स्थायी निवास की प्रवृत्ति किस युग में आयी
थी? — नव-पाषाण
युग में
- नव-पाषाण युग का सर्वप्रथम औजार क्या था? —
पत्थर की कुल्हाड़ी
- पहिए का आविष्कार किस काल में हुआ था? — नव-पाषाण
काल में
- भारत के सबसे प्राचीन नगर कौन थे?— मोहनजोदड़ों
- नव पाषाण युग में मानव ने किस पशु को पालतू बनाया था? — कुत्ता को
- वमषि के आविष्कार को मानव ने किस युग में पूरी तरह अपना
लिया था?— नव-पाषाण युग में
- पाषाणकालीन
सभ्यता तथा संस्कृति का अन्वेषण 1862 ई . में सर्वप्रथम किसने किया – ब्रुस फ्रूट ने
- ब्रुस
फ्रूट थे एक - भूगर्भ वैज्ञानिक एवं पुरातत्विद
- भारतीय
प्राग इतिहास का पिता कहा जाता है -रॉबर्ट ब्रुस फ्रूट को
- हिमावर्तन
तथा अतिवृष्टि किस काल की जलवायु की प्रमुख विशेषता थी – पुरापाषाण काल की
- पुरापाषाण
काल को किस अन्य नाम से भी जाना जाता है – आखेट युग
- कठोर
चट्टानों के साथ मुलायम -चट्टानों के भी उपकरणों का निर्माण किस काल में होने लगा-मध्य पाषाण काल में
- बैल
और हल की सहायता से कृषि कार्य की शुरूआत किस काल में हुई – नवपाषाण काल में
- अग्नि
का प्रयोग मानव ने किस काल में करना शुरू किया - नवपाषाण काल में
- भारत
के किस स्थल से नवपाषाण काल की संस्कृति के प्राचीनतम साक्ष्य प्राप्त हुए हैं – मेहरगढ़
- ताम्रपाषाण
काल की किस संस्कृति से लिंग पूजन के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं – जोब
संस्कृति
- प्रागैतिहासिक
काल में भारत के किस भाग के ग्रामों में लाल मृत्तिका पात्र के उपयोग की प्रधानता
थी – उत्तरी भाग
- प्रागैतिहासिक
काल में भारत के किस भाग के ग्रामो की विशेषता महिषचयी थी- दक्षिणी भाग
- भारत
में स्थायी संस्कृति के प्राचीनतम अवशेष बलूचिस्तान और सिंध से प्राप्त हुए हैं ।
ये किस काल के हैं – ई .पूर्व .चौथी शताब्दी
- पुरापाषाण
काल के लोगों को किस श्रेणी का समझा जाता है – नेग्रीटो
- मध्यपाषाण
काल का सर्वाधिक प्रमुख लक्षण क्या था – लघु औजार
- नवपाषाण
काल के किस स्थल से पात्रों में रखकर शवों को दबाए जाने का अवशेष प्राप्त हुआ है – आदिचनल्लूर
- किस
ताम्रपाषाणिक संस्कृति के स्थल से रेखाओं की सजावट और एक शिकारी पक्षी की आकृति
मिली है – नाल
- व्यापक
उत्खनन के बाद मध्यपाषाण काल की मानव - अस्थियां
किस क्षेत्र से प्राप्त हुई हैं- गुजरात
- शवाधान
की दाह संस्कार की प्रक्रिया किस कालखण्ड में शुरू हुई – मध्यपाषाण काल
- विकसित
कृषि और स्थायी ग्राम का विकास भारत में किस समय हुआ – ई .पूर्व.पांचवी सदी
- भूमध्यसागरीय
और एल्पीनी लोगों ने
भारतीयों को कौन - सी भाषा दी- द्रविड़ भाषाएँ
- पंजाब
की एक छोटी - सी नदी के नाम पर किस
ताम्रपाषाणिक संस्कृति का नामकरण किया गया था – सोन संस्कृत
- पशुपालन
के साक्ष्य सर्वप्रथम मिलते हैं - मध्यपाषाण काल
- एक ही कब्र से तीन मानव कंकाल मिले हैं - दमदमा
- मध्य
पाषाण काल में प्रयुक्त होने वाले उपकरण बहुत छोटे होते थे इसलिए इन्हें कहते हैं- माइक्रोलिथ
- मध्य प्रदेश में आदमगढ़ और राजस्थान में बागोर प्रस्तुत करते हैं- पशुपालन का प्राचीनतम साक्ष्य
- इस
काल में मानव के अस्थिपंजर (शारीरिक
प्रारूपों) का सबसे पहला अवशेष स्थान
से प्राप्त हुआ है-प्रतापगढ़(उत्तर प्रदेश) के सराय नाहर तथा महदहा से
- नव पाषाण काल के प्रथम प्रस्तर उपकरण उ0प्र0 के टोंस नदी घाटी में सर्वप्रथम प्राप्त किया- 1860 में लेन्मेसुरियर ने
Read more- भारतीय इतिहास के स्रोत
- नव पाषाण युगीन प्राचीनतम बस्ती पाकिस्तान में स्थित बलूचिस्तान प्रान्त में मेहरगढ़ में है, मेहरगढ़ में साक्ष्य मिले हैं- कृषि के प्राचीनतम् साक्ष्य
- नव
पाषाण कालीन स्थल-बुर्जहोम एवं गुफकराल (कश्मीर प्रान्त) से अनेक गर्तावास(गड्ढाघर) अनेक प्रकार
के मृदभाण्ड एवं प्रस्तर तथा हड्डी के अनेक औजार प्राप्त हुए हैं।
- बुर्जहोम
से प्राप्त कब्रों में मालिक के साथ दफनाया जाता था। यह प्रथा भारत के किसी भी
अन्य नव पाषाण कालीन स्थल से नहीं प्राप्त होती है- पालतू कुत्तों को
- कौन
सा नव पाषाण कालीन पुरास्थल एक मात्र ऐसा
पुरास्थल है जहां से प्रचुर मात्रा में हड्डी के उपकरण पाये गये हैं, जो मुख्य रूप से हिरण के सींगों के हैं। ये उपकरण ताम्रपाषाणिक अवस्था के
प्रतीत होते हैं- चिरांद (बिहार प्रान्त)
- इलाहाबाद
में स्थित कोल्डिहवा एक मात्र ऐसा नव पाषाणिक पुरास्थल है जहां से प्राचीनतम
साक्ष्य लगभग 6000 ई.पू. प्राप्त हुआ है- चावल का
- मेहरगढ़
में बसने वाले नव पाषाण युग के लोग अधिक उन्नत थे। वे गेहूँ,
जौ और रूई उपजाते थे तथा वे घरों
में रहते थे- कच्ची ईंटों के
- दक्षिण
भारत में नव पाषाण कालीन सभ्यता का मुख्य स्थल है
- बेलारी,कर्नाटक प्रान्त
- विन्ध्य
क्षेत्र का वह शिलाश्रय जहाँ से
सर्वाधिक मानव कंकाल प्राप्त हुए हैं - लेखहिया
- भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के प्रथम महानिदेशक थे - जॉन मार्शल
- राष्ट्रीय मानव संग्रहालय स्थित है - भोपाल में
