भक्ति आन्दोलन
सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी Like- SSC CGL/CHSL/MTS/CPO/GD SI Constable, Railway,Bank,U.P.S.I.,U.P.T.G.T./P.G.T C.T.E.T./U.P.T.E.T.,UPSSSC R.O./A.R.O, B.Ed.,L.L.B.,State Exam and Other Competetive Exam
- महावीर का जन्म 540 ईसा पूर्व के लगभग वैशाली में कहां हुआ था - कुंडग्राम में
- जैन धर्म में सर्वप्रथम विभेद किसने उत्पन्न किया था-जमालि
- जैन धर्म का महत्त्वपूर्ण ग्रंथ जो संस्कृत में लिखा गया है ,कौन - सा है- कल्पसूत्र
- जैन मतावलम्बियों ने किस आम बोल-चाल की भाषा को अपनाया- प्राकृत
- मथुरा एवं उज्जैन किस धर्म के प्रधान केन्द्र थे-जैनधर्म
- किस जैन ग्रंथ में महावीर के कठोर तपश्चर्या एवं कायाक्लेश का रोचक विवरण मिलता है- आचरांग सूत्र
- जैन धर्म की द्वितीय संगीति का अध्यक्ष कौन था- देवार्धि क्षमा श्रमण
- किस जैन संगीति में जैन धर्म के महत्त्वपूर्ण 12 अंगों का प्रणयन किया गया- प्रथम जैन संगीति
- 'आजीवक ' नामक नए सम्प्रदाय की स्थापना की थी- मक्खालिपुत्त गोशाल
- दिगम्बर सम्प्रदाय में ऐसा कौन सा एक उपसम्प्रदाय हुआ जो मूर्तिपूजा का विरोधी था- तारण पंथ
- पार्श्वनाथ के अनुयायी क्या कहलाते थे- निर्ग्रंथ
- पार्श्वनाथ ने जिस धर्म का प्रतिपादन किया वह था- जिनकल्प
- जैन प्रकीणों की संख्या कितनी है – दस
- महावीर स्वामी का सर्वप्रथम अनुयायी कौन बना था- व्यापारी वर्ग
- जैन धर्म मुख्यतः किस वर्ग तक सीमित रहा- व्यापारी वर्ग तक
- महावीर द्वारा शिक्षित किए गए मूल सिद्धांतों को कितने ग्रंथों में संकलित किया गया था- चौदह ग्रंथों में
- महावीर स्वामी द्वारा शिक्षित किए गए मूल सिद्धांतों को बारह अंगों में किनके द्वारा संकलित किया गया- सम्भूति विजय और भद्रबाहु द्वारा
- जैन धर्म के 12 अंगों में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण अंग कौन से हैं- आचरांग सूत्र व भगवती सूत्र
- 'नियुक्ति'नामक जैन ग्रंथ के लेखक थे- भद्रबाहु
- जैन धर्म में कितने प्रकार के ज्ञान का उल्लेख मिलता है- 5 प्रकार के
- जैन धर्म ग्रंथों को अंतिम रूप से किस संगीति में संकलित कर लिपिबद्ध किया गया था- द्वितीय जैन संगीति
- ऋग्वेद के श्लोंकों में किन तीर्थंकरों के नामों का स्पष्ट उल्लेख हुआ- ऋषभ एवं अरिष्टनेमी
- ' कल्पसूत्र ' नामक महत्त्वपूर्ण ग्रंथ की रचना किसने की थी- भद्रबाहु
- दक्षिण में जैन धर्म के प्रसार का श्रेय किसे दिया जाता है- भद्रबाहु एवं चन्द्रगुप्त मौर्य को
- जैन परम्परा के अनुसार ऐसे कौन से आचार्य हुए जो श्वेताम्बर एवं दिगम्बर दोनों अनुयायियों के श्रद्धेय थे – उमास्वामी
- मोक्ष या निर्वाण उपरांत जीव जीवन-मरण के चक्र से मुक्त होकर अनन्त ज्ञान ,अनन्त दर्शन,अनन्त वीर्य तथा अनन्त सुख को प्राप्त हो जाता है । इसे जैन धर्म में क्या कहा गया है – अनन्त चतुष्टय
- जैन धर्म में त्रिरत्नों का पालन करने से कर्मों का जीव की ओर बहाव रुक जाता है जिसे कहा जाता है – संवर
- जैन धर्म में त्रिरत्नों का पालन से जब जीव में पहले से किये गये कर्म का प्रभाव समाप्त होने लगता है तो उसे कहा जाता है – निर्जरा
- किसके राजप्रसाद में महावीर स्वामी को निर्वाण प्राप्त हुआ था – मल्ल रजा सस्तिपाल
- दक्षिण भारत में जैन धर्म का प्रचार किन राजाओं के काल में सर्वाधिक हुआ – राष्ट्रकूटों के समय
- गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था - 563 ईसा पूर्व में
- गौतम बुद्ध की माँ सम्बंधित थी - कोलिय वंश से
- गौतम बुद्ध के बचपन का नाम था - सिद्धार्थ
- महात्मा बुद्ध का महापरिनिर्वाण हुआ - मल्ल गणराज्य की राजधानी कुशीनगर में
- गौतम बुद्ध का जन्म कपिलवस्तु के समीप लुम्बिनी में हुआ था ,जिसका आधुनिक नाम है – रुमिन्देयी
- गौतम बुद्ध ने अपने सर्वाधिक उपदेश किस स्थान पर दिये – श्रावस्ती
- विज्ञानवाद ( योगाचार ) की स्थापना ईसा की तीसरी शताब्दी में किसने की थी – मैत्रेय नाथ
- 7वीं शताब्दी के करीब बौद्ध धर्म में तंत्र-मंत्र का प्रभाव बढ़ने लगा , जिसके परिणामस्वरूप एक नए सम्प्रदाय का उदय हुआ , जो था – वज्रयान
- बुद्ध द्वारा स्थापित संघ की सभा में प्रस्ताव पाठ को क्या कहा जाता था – अनुसावन
- किस स्थल पर बुद्ध ने सर्वप्रथम तपस्या की थी – उरूवेला
- बुद्ध कौशाम्बी आये थे - उदयन के राज्यकाल में
- प्रथम बौद्ध समिति का आयोजन हुआ था - अजातशत्रु के शासनकाल में
- द्वितीय बौद्ध समिति का आयोजन किया था - कालाशोक ने
- बुद्ध की सर्वाधिक मूर्तियों का निर्माण किस कला के अंतर्गत हुआ है – गंधार कला
- मौर्योत्तर काल में कनिष्क के समय तक कितने बौद्ध पंथों का उदय हो चुका. था – लगभग 18 बौद्ध ग्रंथों का
- सर्वप्रथम किस शासक के द्वारा चलाये गए सिक्कों पर बुद्ध की मूर्ति के बने होने के संकेत मिलते – कनिष्क
- किस स्थान पर बुद्ध ने 5 संन्यासियों के साथ संघ की स्थापना की – सारनाथ
- बुद्ध की सबसे पहली जीवनी का उल्लेख हुआ है - ललित विस्तार
- बौद्ध धर्म के त्रिरत्न है - बुद्ध ,धम्म एवं संघ
- कालांतर में हीनयान सम्प्रदाय किन दो भागों में विभाजित हुआ था - वैभाषिक एवं सौत्रान्तिक
- बुद्ध के उपदेशों का सार एवं उनकी सम्पूर्ण शिक्षाओं का आधार -स्तम्भ है - प्रतीत्य समुत्पाद
- गौतम बुद्ध ने किसके अनुरोध पर संघ में महिलाओं को प्रवेश दिया - आनंद के
- सांसारिक दुःखों से मुक्ति हेतु बुद्ध ने किस मार्ग की बात कही - आष्टान्गिक मार्ग
- बुद्ध ने किस मार्ग का उपदेश देते हुए कहा है कि मनुष्य को सभी प्रकार के आकर्षण एवं कायाक्लेश से बचना चाहिए - मध्यम मार्ग का
- विश्व का सबसे ऊंचा कहा जाने वाला ' विश्व शांति स्तूप ' स्थित है - राजगीर ( बिहार ) में
- बुद्ध की 80 फुट बड़ी प्रतिमा जो बोधगया में है ,निर्मित की गई थी - जापानियों के द्वारा
- सर्वप्रथम स्तूप शब्द मिलता है - ऋग्वेद में
- सारनाथ , सांची , बोधगया एवं कुशीनारा में से वह स्तूप स्थल ,जिसका संबंध भगवान बुद्ध के जीवन की किसी घटना से नहीं रहा है ,वह है - सांची
- संसार अस्थिर और क्षणिक है का बौद्ध ,जैन ,गीता एवं वेदांत में से जिससे संबंध है , वह है - बौद्ध
- एशिया के ज्योति पुंज के नाम से जाना जाता है - गौतम बुद्ध को
- सर एडविन एर्नाल्ड की पुस्तक ' द लाइट ऑफ दी एशिया ' आधारित है - ललितविस्तार पर
- गौतम बुद्ध को एक देवता का स्थान जिस राजा के युग में प्राप्त हुआ , वह है - कनिष्क
- भारत में पहले जिन मानव प्रतिमाओं को पूजा गया , वह थी - बुद्ध की
- देश में जिस धर्म के लोगों ने मूर्ति पूजा की नींव रखी थी , वह है - बौद्ध धर्म
- गांधार शैली की मूर्ति कला में बुद्ध के सारनाथ में हुए प्रथम धर्मोपदेश से संबद्ध प्रवचन मुद्रा का नाम है - धर्मचक्र
- बुद्ध की खड़ी प्रतिमा बनाई गई - कुषाण काल में
- भगवान बुद्ध की प्रतिमा कभी - कभी एक हस्त मुद्रा युक्त दिखाई गई है ,जिसे कहा जाता है - भूमिस्पर्श मुद्रा
- भूमिस्पर्श मुद्रा की सारनाथ बुद्ध मूर्ति संबंधित है - गुप्त काल से
- महायान बौद्ध धर्म में बोधिसत्व अवलोकितेश्वर को और जिस अन्य नाम से जानते हैं - पद्मपाणि
- बुद्ध का अंतिम वर्षाकाल कहां बीता था – वैशाली में
- त्रिपिटक है - बुद्ध के उपदेशों का संग्रह
- अशोकराम विहार स्थित है - पाटलिपुत्र में
- हीनयान अवस्था का विशालतम एवं सर्वाधिक विकसित शैलकृत चैत्यगृह स्थित हैं– कार्ले में
- प्रथम शताब्दी ईस्वी में जिस भारतीय बौद्ध भिक्षुक को चीन भेजा गया था,वह है - नागार्जुन
- शून्यता के सिद्धांत का सर्वप्रथम प्रतिपादन करने वाले बौद्ध दार्शनिक का नाम है - नागार्जुन
- नागार्जुन जिस बौद्ध संप्रदाय के थे,वह है - माध्यमिक
- विक्रमशिला,वाराणसी,गिरनार एवं उज्जैन में से बौद्ध शिक्षा का केंद्र है – विक्रमशिला
- वल्लभी विश्वविद्यालय स्थित था - गुजरात में
- नालंदा विश्वविद्यालय के स्थापन का युग है - गुप्त
- नालंदा विश्वविद्यालय के संस्थापक थे- कुमारगुप्त
- ' नव नालंदा महाविहार ' विख्यात है – पालि अनुसंधान संस्थान के लिए
- बौद्ध धर्म और जैन धर्म दोनों में समान रूप से विद्यमान था - वेद प्रामाण्य के प्रति अनास्था,कर्मकांडों की फलवत्ता का निषेध,प्राणियों की हिंसा का निषेध ( अहिंसा )
- बौद्ध धर्म के चार आर्य सत्य का सही क्रम है - दुःख है,दुःख का कारण है,दुःख का निरोध है,दुःख निरोध का मार्ग है
- बौद्ध तथा जैन दोनों ही धर्म विश्वास करते हैं कि - कर्म तथा पुनर्जन्म के सिद्धांत
- बौद्ध धर्म के विषय में सही है -उसने वर्ण एवं जाति को अस्वीकार नहीं किया, उसने ब्राह्मण वर्ग की सर्वोच्च सामाजिक कोटि को चुनौती दी
- प्राचीन भारत के विश्वोत्पत्ति विषयक धारणाओं अनुसार चार युगों के चक्र का क्रम इस प्रकार है - कृत , त्रेता , द्वापर और कलयुग
- आजीवक , मत्तमयूर , मयमत तथा ईशानशिवगुरुदेवपद्धति में से वह , जो प्राचीन भारत में शैव संप्रदाय था – मत्तमयूर
- अर्धनारीश्वर मूर्ति में आधा शिव तथा आधा पार्वती प्रतीक है - देव और उसकी शक्ति का योग
- ‘ नयनार ' थे - शैव धर्मानुयायी
- पोयगई , तिरुज्ञान , पूडम तथा तिरुमंगई में से वह , जो अलवार संत नहीं था - तिरुज्ञान
- भागवत संप्रदाय के विकास में सर्वाधिक योगदान दिया था - गुप्त ने
- भागवत धर्म के प्रवर्तक थे - कृष्ण सर्वप्रथम देवकी के पुत्र कृष्ण का वर्णन मिलता है - छांदोग्य उपनिषद में
- वासुदेव कृष्ण की पूजा सर्वप्रथम प्रारंभ की । की पूजा सर्वप्रथम प्रारंभ की - भागवतों ने
- वह देवता जिसे कला में हल लिए प्रदर्शित किया गया है - बलराम
- भागवत संप्रदाय में भक्ति के रूपों की संख्या है – 9 (नवधा भक्ति )
- हेलियोडोरस का बेसनगर अभिलेख संदर्भित है - वासुदेव से
- भागवत धर्म से संबंधित प्राचीनतम अभिलेखीय साक्ष्य है - हेलियोडोरस का बेसनगर अभिलेख
- भागवत धर्म का ज्ञात सर्वप्रथम अभिलेखीय साक्ष्य है - बेसनगर का गरुड़ स्तंभ
- ' बेसनगर अभिलेख ' का हेलियोडोरस निवासी था - तक्षशिला का
- विष्णु के जिस अवतार को सागर से पृथ्वी का उद्धार करते हुए अंकित किया जाता है ,वह है - वाराह
- वैष्णव धर्म के विषय में सर्वप्रथम जानकारी मिलती है - उपनिषदों से
- प्रस्थान त्रयी में सम्मिलित हैं - उपनिषद , ब्रह्मसूत्र एवं भगवदगीता
- वह प्राचीन स्थल जहां 60,000 मुनियों की सभा में संपूर्ण महाभारत कथा का वाचन किया गया था – नैमिषारण्य
- रामायण का वह कांड जिसमें राम और हनुमान की पहली भेंट का वर्णन है - किष्किन्धा कांड
- पुरी में रथयात्रा निकाली जाती है - भगवान जगन्नाथ के सम्मान में
- नासिक में कुंभ मेला लगता है - गोदावरी नदी के तट पर
- इस्लाम धर्म के संस्थापक थे - मुहम्मद साहब
- मुहम्मद साहब का जन्म हुआ था - 570 ई . में (मक्का )
- इस्लाम धर्म का पवित्र ग्रन्थ हैं - कुरआन
- ईसाई धर्म के संस्थापक थे - ईसा मसीह
- ईसाई धर्म का प्रमुख ग्रन्थ है - बाइबिल
- विभिन्न धर्मों के प्रमुख स्थल -
जैन धर्म-पवित्र स्थल पावापुरी हिन्दू धर्म –वाराणसी
इस्लाम धर्म- मदीना ईसाई धर्म -वेटिकन

